india budget 2021 me आम लोगों के लिए kya कुछ खास hai नौकरी की आस, किसानों की आय, छात्र-छात्राएं kya mila

by gktoday, business news,


Posted on 02-02-2021 by Admin


india budget 2021 me आम लोगों के लिए kya कुछ खास hai नौकरी की आस, किसानों की आय, छात्र-छात्राएं kya mila

2021-22 के बजट में आम लोगों common people  के लिए कुछ भी special खास नहीं है। इनकम टैक्स या बचत rules of income tax or savings के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। किसान आंदोलन को देखते हुए खेती के लिए बड़ी घोषणाओं announcements की उम्मीद थी, लेकिन वैसा कुछ भी नहीं हुआ. नौकरियों को लेकर sarkar ki koei स्थिति स्पष्ट नहीं

india budget 2021 me: बजट की अच्छी और खराब बातें:इन्फ्रास्ट्रक्चर का बजट बढ़ने से वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिलेंगी, किसानों की आमदनी और रोजगार का मुद्दा फिर पीछे, आम लोगों के लिए kya कुछ खास hai 

वित्तमंत्री ने इनकम टैक्स tax रिटर्न पर की बड़ी घोषणा करते हुए 75 year से uper के ऐसे लोगों को, जिनकी आय income का स्रोत पेंशन और ब्याज है, उन्हें ITR फाइल करने से मुक्त कर दिया है.

इनकम टैक्स स्लैब (Income Tax Slab) में कोई बदलाव नहीं no change किया गया है, वित्त मंत्री ने सिर्फ 75 से ज्यादा उम्र more age के सीनियर सिटिजन्स को ही इसमें राहत देते हुए उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) tax फाइल करने से free मुक्त कर दिया है.

नौकरियों को लेकर sarkar ki koei स्थिति स्पष्ट नहीं:

बजट में रोजगार की koei स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। इससे युवाओं, student के नौकरी job और रोजगार के सपने को धक्का लगा है। हालांकि, सरकार ने डेढ़ लाख नौकरियों jobs का ऐलान किया है। ek ka abi tak koei pta nahi hai

पिछले साल कितनों को रोजगार jobs मिला, इसका कोई आंकड़ा नहीं दिया।

केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा निवेश से jobs, रोजगार बढ़ने का सपना दिखाया।

असर: इससे करीब 20 student करोड़ लोगों को मायूसी मिली है। इनमें नौकरी की आस लगाए करीब 4 करोड़ student छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं।

किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस नहीं:

खेती-किसानी Farming पर अगले साल 1.72 लाख करोड़ रुपए खर्च करने का ऐलान announcement किया गया है। इसमें 1 हजार नई मंडियों, कृषि उत्पाद बाजार समिति (APMC) के लिए एग्री फंड, 5 new फिशिंग हब और ग्रामीण इंफ्रा पर 40 हजार करोड़ खर्च करने का ऐलान किया गया है।

किसानों की आय income of farmers बढ़ाने पर कोई फोकस नहीं। पीएम किसान की राशि में बढ़ोतरी नहीं।

किसानों के लिए फायदेमंद योजनाओं और आय income पर विचार के लिए आयोग का गठन नहीं।

असर: करीब 14 करोड़ किसानों farmers को आमदनी के मोर्चे पर मायूसी मिली है।

सरकारी संपत्ति की बिक्री पर जोर:

इस बजट में सरकारी संपत्ति sale of government property की बिक्री पर ज्यादा फोकस है। सरकार इस साल BPCL, Air India, Shipping Corporation of India, Container Corporation of India, IDBI Bank, BEML,, पवन हंस, नीलांचल इंस्पात निगम Lmt लिमिटेड को बेचना चाहती है।

दो सरकारी बैंक bank और एक सरकारी बीमा कंपनियों का निजीकरण किया जाएगा।

असेट्स की बिक्री से मिलने वाली राशि का लक्ष्य targat घटाकर 1.75 लाख करोड़ रु. किया।

असर: इस कदम से युवाओं के लिए govt. job सरकारी नौकरियों के मौके कम होंगे और निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

कमाई का रोडमैप नहीं, उधारी पर जोर:

बजट में खर्च के लिए 34.83 लाख करोड़ रुपए रखे गए हैं। लेकिन इस बजट में कमाई का कोई रोडमैप नहीं बताया गया है। इस बार लोन पर ज्यादा फोकस है। हालांकि, पेट्रोल पर 2.5 और डीजल पर 4 रुपए का एग्री सेस लगाया गया है, जिससे रेवेन्यू बढ़ेगा पर बहुत ज्यादा नहीं।

अगले year 12 lakh करोड़ रुपए का लोन लेने का टारगेट है।

ग्रॉस टैक्स tax से करीब 22 लाख करोड़ रुपए rs की कमाई होने का अनुमान है।

असर: इससे देश की अर्थव्यवस्था country economy पर बोझ पड़ेगा। लोन पर ब्याज चुकाने में ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे।

 

 


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